Four Slow Poisons

1. Salt
Salt should be replaced with immediate effect, the refined salt coming in the market should never be used in food. Its nutrients are refined and removed. Iodine salt always increases blood pressure, impotence comes, iodine salt will destroy the strength of semen and iodine becomes more than required in the blood. The required moisture in the salt is removed for extra free flow and aluminum silicate is added to it for free flow which causes asthma.
Use black salt or rock salt in food. It contains less sodium, the ratio of magnesium, calcium, potassium etc. is balanced. Rock salt reduces toxins inside the body and prevents diseases such as thyroid, paralysis, epilepsy.

 

2. Sugar
Instead of using more sugar, you can use jaggery, kakavi, boora, khand. Sugar does not contain a single nutrient. As soon as sugar is formed, phosphorus is removed, acid is formed,  sugar has to be digested. It creates thick blood and increases cholesterol. Sugar is not produced without sulfur and as you know, sulfur is also used in firecrackers. If you eat sugar after eating food, then your food will never digest properly and then many disease can starts. The price of sugar is cheaper than jaggery, it can also be guessed because it too is made after much effort and process.

 

3. Refind or Double Refind Oil
Always use pure oil, pure oil means Mustard oils. Pure oil balances Vata, Pitta and Kapha in ouor body. Crude Ghani oil is costlier than refined oil. During processing of refined oil, the protein element is extracted and then you eat not just pure things but garbage. This refined oil and double refined oil cause many diseases when use regularly. The refined oil is heated 6-7 times and the double refined oil is heated 12-13 times and sometimes also mixed with palm oil.

 

 

 

 

4. All Purpose Flour
All purpose Flour i.e. Maida is made from wheat, all the necessary fiber elements are extracted from the flour to make Maida which dilutes your blood. You should never eat Maida.  Noodles, pizzas, burgers, paavs, breads, bread, Maida biscuits, etc., because they are made from rotten maida and sometimes animal fat is added to them. Bread made of Maida is also rubbery, it sticks to the intestines after eating, which is harmful to health.

1. नमक

नमक तुरंत प्रभाव से बदल देना चाहिए, बाज़ार में जो रिफाइंड नमक आ रहा है उसे कभी भी खाने में  इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उसके पोषक तत्व रिफाइंड करके निकाल दिये जाते है। आयोडीन नमक हमेशा रक्तचाप बढ़ाता है, नपुंसकता आती है, आयोडीन नमक वीर्य की ताकत खत्म कर देगा और रक्त में आवश्यकता से अधिक आयोडीन हो जाता है। एक्सट्रा फ्री फ्लो के लिए नमक में आवश्यक नमी को निकाल दिया जाता है और फ्री फ्लो के लिए उसमे एल्युमिनियम सिलिकेट डाला जाता है जिससे अस्थमा की समस्या उत्पन्न होती है।

खाने में काला नमक या सेंधा नमक का प्रयोग करे। इसमे सोडियम की मात्रा कम होती है, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम आदि का अनुपात संतुलित होता है। सेंधा नमक शरीर के भीतर के विष को कम करता है और थायराईड, लकवा, मिर्गी आदि रोगो को रोकता है।

2. शक्कर

शक्कर को ज्यादा इस्तेमाल करने कि बजाय गुड, काकवी, बूरा, खाँड का इस्तेमाल कर सकते है। शक्कर में एक भी पोषक तत्व नहीं है । शक्कर बनते ही फॉस्फोरस खत्म हो जाता है, एसिड बनता है, हजम भी नहीं होता है, चीनी को पचाना पड़ता है । रक्त को गाढ़ा बनाता है और कोलेस्ट्राल बढ़ाता है । सल्फर के बिना शक्कर नहीं बनती और जैसा कि आप जानते है कि सल्फर पटाखो में भी इस्तेमाल होता है । खाना खाने के बाद यदि आपने शक्कर खा ली, तो आपका खाना खाना कभी नहीं पचने देगा और तब बीमारियो कि शुरुआत हो जाती है । शक्कर का मूल्य गुड से सस्ता होता है इस से भी थोड़ा अंदाज़ा लगाया जा सकता है क्यूंकी वो भी काफी मेहनत और प्रोसेस के बाद बनता है ।

3. रिफाइंड तेल और डबल रिफाइंड तेल

हमेशा शुद्ध तेल का उपयोग करे, शुद्ध तेल मतलब कच्ची घाणी का निकला हो । शुद्ध तेल वात, पित्त और कफ को संतुलित रखता है । कच्ची घाणी का तेल रिफाइंड तेल के मुक़ाबले महंगा मिलता है । रिफाइंड तेल में प्रोसेसिंग के दौरान प्रोटीन तत्व निकाल लिया जाता है और तब आप शुद्ध वस्तु नहीं केवल कचरा खाते है । यही रिफाइंड तेल और डबल रिफाइंड तेल आगे जाके कई रोगो का कारण बनता है । रिफाइंड तेल को 6-7 बार गर्म किया जाता है और डबल रिफाइंड तेल को 12-13 बार गर्म किया जाता है और कई बार इसमे पाम ऑइल भी मिलाया जाता है ।

4. मैदा

मैदा गेहूं से बनता है, मैदा बनाने के लिए मैदा में से सारे आवश्यक फाइबर तत्व निकाल लिया जाता है जो आपके रक्त को पतला करता है । मैदा का सेवन कभी नहीं करना चाहिए, नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, पाव, ब्रेड, मैदा के बिस्कुट आदि कभी ना खाये क्योंकि ये सब सड़े हुए मैदा से बनते है और कई बार इनमे जानवर की चर्बी भी मिलाई जाती है । मैदे से बनी रोटियाँ भी रबड़ जैसी होती है, यह मैदा खाने के बाद आंतों में जाके चिपक जाता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है ।

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