Herbal Medicines/Remedies (जड़ी-बूंटी चिकित्सा)


Basil Leaves
A decoction of Tulsi (Shyam Tulsi) should be consumed in Chikungunya. Chikungunya will never happen again. Fever ginger juice, black pepper, neem Giloy should be consumed in a decoction of Tulsi in fever. Many skin diseases are also cured with basil.

 

 

 




Triphala is the same quantity as Harade, Bahera and Amla. Triphala has amazing ability to remove vata, pitta and phlegm, Triphala should be taken at night with milk or hot water. Taking Triphala at night cleanses all parts of the body, Triphala should be taken with honey or jaggery during the day. Triphala is nutritious during the day, cures all the diseases of the body and also supplies all the vitamins.

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Cinnamon
Drink cinnamon decoction with jaggery, various types of diseases are eliminated like Virogy, Rheumatism, Constipation, Blood pressure or more, Asthma etc. Eat mashed with honey or desi jaggery, then drink some lukewarm water. Diseases of phlegm, cough, cold, obesity will increase. Better as cinnamon powder, take a spoonful of cinnamon powder with honey or jaggery on an empty stomach in the morning, take half a cup of cow urine after about an hour, this also cures many diseases, if it is diabetes, then hot Take it with water.



Arjun ki Chaal
Arjuna ki Chaal reduces Vata very fast, it should be drunk instead of tea. Drink half a teaspoon of Arjuna ki Chaal powder in a glass of milk. It eliminates the acidity of blood, there will not be a heart attack. Make a decoction of Arjuna ki Chaal and drink it by adding jaggery, khand, kakvi, and sugar candy. It is very beneficial in purifying the blood. The acidity of blood brings heart attack, heat half a teaspoon of powder of Arjuna ki Chaal in water and drink it in the morning, heart disease is cured. Heart blockage is cured in 4-6 months. For weak hearted people, it is best to drink a decoction of Arjuna ki Chaal during November, December and January in these three months.

Asparagus
For problems related to women, eat asparagus powder with jaggery and drink lukewarm water from above. Take as a powder with light warm milk. Menstruation, white water, if there is itching in the lower part of the pain, air bile is increased, it will come on monthly time. Women problem: Menorrhagia, Metorrhea, drink half a glass of water after heating it, add cow’s ghee in it 2-3 times.

तुलसी
चिकनगुनिया में तुलसी (श्याम तुलसी) का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए । चिकनगुनिया आगे भी कभी नहीं होगा । ज्वर में तुलसी के काढ़े में सौंठ अदरक का रस, काली मिर्च, नीम की गिलोय डालकर पीना चाहिए । कई त्वचा रोग भी तुलसी से ठीक होते है ।

हरड़े, बहेड़ा और आँवला तीनों की सम मात्रा ही त्रिफला है । वात, पित्त और कफ को दूर करने की अद्भुत क्षमता त्रिफला में है, रात को त्रिफला दूध या गरम पानी के साथ लेना चाहिए । रात को त्रिफला लेने से शरीर के सभी अंगो की सफाई होती है, दिन में त्रिफला शहद या गुड़ के साथ लेनी चाहिए । दिन में त्रिफला पोषक है, शरीर के सभी रोग दूर करता है और सारे विटामिन की पूर्ति भी करता है।

दालचीनी
दालचीनी का काढ़ा गुड़ मिलकर पिये, विभिन्न प्रकार के रोग दूर होते है जैसे वायुरोग, संधिवात, कब्जियत, रक्तचाप का या अधिक, अस्थमा आदि। शहद या देसी गुड़ के साथ मसलकर खाये, फिर थोड़ा गुनगुना पानी पी ले। कफ के रोग, खांसी, सर्दी, मोटापा बढ़ना कम हो जाएगा। दालचीनी पाउडर के रूप में अधिक अच्छा है, एक चम्मच दालचीनी पाउडर शहद या गुड़ के साथ सुबह खाली पेट लो, करीब एक घंटे के बाद आधा कप गोमूत्र ले लो, इस से भी कई तरह की बीमारिया दूर होती है, अगर डायबिटीज़ है तो गर्म पानी के साथ ले।

अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल वात को बहुत तेज़ी से कम करती है इसे चाय के स्थान पर पीना चाहिए। एक ग्लास दूध में आधा चम्मच अर्जुन की छाल का पाउडर डाल कर पीजिए । अर्जुन की छाल रक्त की एसिडिटी खत्म करता है, हार्ट-अटैक नहीं होगा । अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाकर गुड़, खांड, काकवी, मिश्री डालकर पीजिए ये रक्त को शुद्ध करने में बहुत लाभदायक है । रक्त की अम्लता ही हार्ट-अटैक लाती है, अर्जुन की छाल का आधा चम्मच पाउडर पानी में खूब गर्म कर ले और सुबह-सुबह पी ले, हृदय रोग ठीक होता है। हृदय में ब्लॉकेज 4-6 महीने में ठीक हो जाता है। कमजोर दिल वालों के लिए सबसे अच्छा है अर्जुन की छाल का काढ़ा नवम्बर, दिसंबर और जनवरी इन तीन महीनो में ज़रूर पिये।

शतावरी
महिलाओ की समस्या में शतावरी चूर्ण गुड़ के साथ खाकर उपर से गुनगुना पानी पी लीजिये। चूर्ण के रूप में हल्के गर्म दूध के साथ ले। मासिक धर्म, सफ़ेद पानी, दर्द में नीचे के हिस्से में यदि खुजली है, वायु पित्त बढ़ा हुआ है, इस से मासिक समय पर आएगा। स्त्रियों की समस्या मेनोरेजिया, मेटोरेजिया में आधा ग्लास पानी को खूब गर्म करके उसमे 2-3 बार गाय का घी डालकर पिये।

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